किसान, महिला, युवा और बस्तर विकास पर सरकार का बड़ा जोर
कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए बढ़ा आवंटन | महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान | बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएँ | जीएसडीपी में 12 प्रतिशत से अधिक वृद्धि का अनुमान
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आज विधानसभा में ₹1.72 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने इसे ‘संकल्प बजट’ की संज्ञा दी। बजट का उद्देश्य राज्य में समावेशी विकास, सामाजिक संतुलन और आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करना बताया गया है।

बजट भाषण के दौरान कहा गया कि यह दस्तावेज केवल आय-व्यय का विवरण नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह सरकार का तीसरा बजट है।
बजट की प्रमुख विशेषताएँकुल बजट प्रावधान: ₹1,72,000 करोड़
अनुमानित राज्य सकल घरेलू उत्पाद: ₹7.09 लाख करोड़
वित्तीय घाटा: लगभग 2.87 प्रतिशत
विकास और कल्याण योजनाओं में संतुलन पर विशेष जोर
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि पंपों के लिए ₹5,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य
दुर्गम अंचलों में शिक्षा नगरों की स्थापना, नई पुस्तकालय योजनाएँ और छात्रावास सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में नए अस्पताल, मातृ-शिशु स्वास्थ्य केंद्र और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं की घोषणा की गई है।
महिला और आदिवासी सशक्तिकरण
18 वर्ष पूर्ण करने वाली बालिकाओं को आर्थिक सहायता, महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती और बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएँ बजट का अहम हिस्सा हैं।
कुल मिलाकर, संकल्प बजट 2026-27 को सरकार ने जनकल्याण और दीर्घकालिक विकास की नींव बताया है।

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 आम जनता के लिए क्या मायने रखता है?
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश बजट 2026-27 को तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित माना जा सकता है—
कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत ढांचा।
आम आदमी को क्या फायदा?
किसानों को सीधी योजनाओं और सिंचाई सुविधाओं से राहत
युवाओं के लिए शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर
महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और संपत्ति अधिकारों में सहूलियत
बस्तर और पिछड़े क्षेत्रों पर क्यों खास ध्यान?
राज्य के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की कमी लंबे समय से चुनौती रही है। बजट में इन क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएँ रखकर सरकार ने विकास की खाई पाटने का प्रयास किया है।
क्या यह बजट संतुलित है?
विशेषज्ञों के अनुसार बजट में कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की कोशिश की गई है। हालांकि, योजनाओं की सफलता क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
राजनीतिक दृष्टि से क्या संकेत?
यह बजट सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है—ग्रामीण मतदाता, महिलाएँ और युवा। आने वाले वर्षों में इसका राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ का बजट 2026-27 केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास का विज़न प्रस्तुत करता है। यदि योजनाएँ ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो यह बजट राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव ला सकता है।
ओम प्रकाश चौधरी — छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री कौन हैं?
ओम प्रकाश चौधरी छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त मंत्री हैं। उन्होंने 22 दिसंबर 2023 को यह पद संभाला। वे ओ. पी. चौधरी के नाम से मशहूर हैं।
उनका राजनीतिक और व्यावसायिक जीवन
वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता हैं।
2023 में वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्य (MLA) बने, रायगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की।
उन्होंने पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में भी काम किया था और रायपुर, दंतेवाड़ा जैसे जिलों में जिलाधिकारी (Collector) रहे।
बाद में उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवाएं छोड़कर राजनीति में प्रवेश किया और बीजेपी से जुड़ गए।
उनकी शिक्षा बी.एस सी. है और वे पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से पढ़े हैं।
वित्त मंत्री के रूप में प्रमुख भूमिका
वे छत्तीसगढ़ के वित्त, वाणिज्य कर के मंत्री हैं।
इसके अलावा उनके पास आवास, पर्यावरण, योजना और आर्थिक सांख्यिकी जैसे विभाग भी हैं।
उन्हें सबसे कम उम्र के मंत्रियों में से एक माना जाता है, क्योंकि वे अपेक्षाकृत युवा और सक्रिय हैं।
वर्ष 2026 का ₹1.72 लाख करोड़ वाला बजट उन्होंने विधानसभा में पेश किया, जिसे ‘संकल्प बजट’ कहा गया।
कुछ उल्लेखनीय बातें
वे पहले IAS अधिकारी थे और प्रशासनिक अनुभव के साथ राजनीति में आए।
उनका बजट विचार और तैयारी दोनों काफी व्यक्तिगत और रणनीतिक माना जाता है।
उन्होंने 2025-26 में हाथ से लिखित बजट दस्तावेज भी तैयार किया है, जो पारदर्शिता और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
व्यक्तिगत जीवन
वे 2 जून 1981 को जन्मे।
उनके जीवन साथी का नाम डॉ. आदिति पटेल (चौधरी) है।
