छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र के जंगलों में चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के बीच आईईडी ब्लास्ट होने से डीआरजी के तीन जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार सभी जवानों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
जानकारी के मुताबिक, डीआरजी की टीम नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री के संभावित ठिकानों की तलाश में अभियान चला रही थी। तलाशी के दौरान जवानों को संदिग्ध विस्फोटक उपकरण दिखाई दिया। सुरक्षा प्रक्रिया के तहत उसे निष्क्रिय करने की कार्रवाई की जा रही थी, तभी अचानक जोरदार धमाका हो गया।
विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया और घायलों को जंगल क्षेत्र से निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, ताकि अन्य छिपे हुए विस्फोटकों का पता लगाया जा सके।
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल जवानों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है और क्षेत्र में सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार बढ़ती कार्रवाई के बीच सुरक्षा बलों को ऐसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।
