ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश, मध्य-पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
मध्य-पूर्व की भू-राजनीति एक बार फिर गर्म होती नजर आ रही है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को तुरंत बंद किया जाना चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व में विदेशी सैन्य मौजूदगी क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन रही है। उनके अनुसार यदि अमेरिकी सैन्य गतिविधियां इसी तरह जारी रहीं, तो इससे क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका और बढ़ सकती है।
मोजतबा खामेनेई ने यह भी संकेत दिया कि ईरान अपनी सुरक्षा और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के देशों को भी यह समझना चाहिए कि बाहरी ताकतों की सैन्य मौजूदगी से तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि नए नेता के इस बयान से ईरान और अमेरिका के बीच पहले से मौजूद तनाव और तेज हो सकता है। साथ ही, इसका असर पूरे मध्य-पूर्व की सुरक्षा स्थिति और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है।
गौरतलब है कि हाल ही में Ali Khamenei के बाद Mojtaba Khamenei को ईरान की सर्वोच्च सत्ता की जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में उनका पहला संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा चर्चा में है और आने वाले समय में क्षेत्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।
